नई भर्तियों की ओर अग्रसर आयोग...

नई भर्तियों की ओर अग्रसर आयोग...


किसी भी प्रदेश में सरकारी सेवाओं में भर्ती के लिए स्थापित किये गये आयोग की भूमिका अति महत्वपूर्ण होती है, चाहे भर्ती क्लैरीकल स्तर से लेकर अधिकारी स्तर तक हो, चयन आयोग की यह जिम्मेदारी होती है कि वह बिना पक्षपात किये शुचितापूर्ण ढंग से अभ्यार्थियों का चयन चलाने के लिए योग्य अभ्यर्थी प्राप्त हो सके। इस पूरी प्रक्रिया में आयोग के 'अध्यक्ष' की भूमिका सबसे अधिक महत्वपूर्ण समीक्षा ही सर्वाधिक होती है। 
समूह 'ग' स्तर के कर्मचारियों की भर्ती के लिए बने उत्तराखण्ड अधीनस्थ कर्मचारी चयन आयोग के चेयरपर्सन अवकाश प्राप्त आईए.एस. अधिकारी श्री एस.राजू अपनी बेदाग छवि के लिए जाने जाते हैं अध्यक्ष बनने के पश्चात वे लगातार आयोग में परीक्षा का स्तर एवं निष्पक्ष शुचितापूर्ण ढंग से परीक्षा कराने के लिए प्रयासरत है, आगामी परीक्षाओं एवं आयोग की अन्य गतिविधियों को लेकर हुई बातचीत को उन्होंने ब्रह्मकमल पत्रिका के साथ साझा किया-


प्रश्न- सर सरकार इस वर्ष को रोजगार वर्ष के रूप में मना रही है इसको लेकर आयोग की क्या-क्या तैयारियां है?
उत्तर- इस बार राज्य सरकार ने यह घोषणा की है कि वे इस वर्ष को रोजगार वर्ष के रूप में मानायेंगे। राज्य में अधिकांश मानव संसाधन समूह 'ग में ही आते है इस कारण इसमें आयोग की भी बड़ी भूमिका है इसको देखते हुये आयोग ने अभी तक की सभी लिखित परीक्षाओं को पूर्ण कर लिया है और आगे जो भी भर्ती की मांग आयोग को राज्य सरकार से प्राप्त होगी उसके लिए आयोग तैयार है। अभी तक लगभग 3500 पदों के भर्ती प्रस्ताव आयोग को प्राप्त हुये है इनमें अधिकांश मामलों में कमियां है जिन्हें संबंधित नियोक्ताओं को संदर्भित किया गया है। अब राज्य सरकार द्वारा जारी नये रोस्टर के अनुरूप संशोधित अधियाचन प्राप्त होंगे जब आयोग इनके सापेक्ष समयबद्व भर्ती प्रक्रिया अपनायेगा।
प्रश्न- आयोग द्वारा परीक्षा कैलेण्डर जारी करने की बात पूर्व में भी कहीं गई थी, क्या इस दिशा में आयोग क्या कदम उठा रहा है?
उत्तर- आयोग ने अभी तक 03 नये भर्ती विज्ञापन प्रकाशित किये है। पहली बार आयोग ने विज्ञापन में ही परीक्षा का संभावित समय देना प्रारम्भ किया गया है। इससे जैसे-जैसे विज्ञापन आते जायेंगे वैसे आयोग का परीक्षा कैलेण्डर स्वतः ही तैयार होता जायेगा इस प्रकिया से परीक्षा का समय सुनिश्चित हो जायेगा और अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र भरते ही यह जानकारी होगी कि इस आवेदन के सापेक्ष कब परीक्षा होगी, इससे उन्हें तैयारी करने का भी उपयुक्त समय मिल सकेगा।
प्रश्न- सर परीक्षा को शुचिता पूर्ण बनाने के लिए आयोग और क्या नये कदम उठा रहा है? हाल ही में आयोग द्वारा कुछ मामलों में एफ.आई.आर भी दर्ज कराई गई इस पर आयोग का क्या रूख है?
उत्तर- परीक्षाओं की सुचिता आयोग के लिए शीर्ष प्राथमिकता का विषय है। आयोग ने गड़बड़ी की बड़ी-बड़ी संभावनाओं पर पूर्व में परीक्षा निरस्त की है। अभी हाल ही में 02 मामलों मे एफ.आई.आरण् दर्ज कराई है तथा अभ्यर्थियों से संबंधित व्यक्तिगत गड़बड़ी के मामलों को भी गंभीरता से लिया है। प्रदेश में आयोग ने प्रथम बार गड़बड़ी के मामलों में एफ.आई.आर दर्ज कराई है एवं आयोग की अब यही अपेक्षा है कि इन मामलों की गंभीरता से जांच हो तथा जो भी तत्व सार्वजनिक सेवाओं से संबंधित चयन को दूषित करना चाहते है उन्हें उजागार किया जाये। इसके साथ ही आयोग अपनी परीक्षा प्रक्रिया को लगातार संशोधित व परिवर्धित कर रहा है तकनीकी का समुचित उपयोग किया जा रहा है एवं आशा है कि भविष्य में परीक्षाओं की सुचिता को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। 
प्रश्न- अब तो रायुपर में आयोग का भवन बनकर तैयार होने की कगार पर है, अब इन्फ्रास्ट्रक्चर संबंधी आयोग की समस्या समाप्त हो जायेगी?
उत्तर-  आयोग के कार्य संपादन में जगह की कमी एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। वर्तमान में आयोग का कार्यालय 6-7 छोटे कमरों के भवन में चल रहा है जो आयोग की आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं है। राज्य सरकार ने आयोग की इस समस्या को देखते हुए तथा इसे प्राथमिकता देते हुए नये भवन के लिए भूमि आवंटित की तथा धनराशि भी स्वीकृत की। आगामी 1 वर्ष के भीतर मुझे आशा है कि यह भवन पूर्ण हो जायेगा तथा आयोग अपनी क्षमता के अनुरूप कार्य कर सकेगा तथा परीक्षाओं की सुचिता को भी स्तरीय कर सकेगा। 
प्रश्न- आपने अभ्यार्थियों के लिए 'संवाद' नामक पृष्ठ अपनी वेबसाइट पर लांच किया है, यह अभ्यर्थियों के लिए किस प्रकार सहयोगी है?
उत्तर- आयोग ने अपने कार्यकरण में उच्च पारदर्शिता मानकों को अपनाया है। परीक्षा की तिथि को ही प्रश्नपत्रों की उŸार कुंजी जारी की जा रही है, परिणाम जारी होने के उपरांत प्रत्येक अभ्यर्थी की उŸार पुस्तिकां उसे दिखायी जा रही है। चयन सूची के उपरांत अर्हकारी अंक प्राप्त करने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी की सूची भी वेबसाइट पर प्रकाशित की जा रही है। प्रत्येक वर्ष 100 से अधिक प्रेस विज्ञप्तियां जारी की जा रही है। अब आयोग ने अपनी वेबसाइट पर 'संवाद' नामक पृष्ठ प्रारम्भ किया है। इस स्तम्भ के माध्यम से अभ्यर्थियों को ऐसी जानकारियां भी दी जा सकेंगी जिनके लिए कोई आदेश जारी नहीं हो पाते है या ऐसी सूचना जो कि अंतरिम आधार पर अभ्यर्थियों को दी जा सके। इस प्रयास के माध्यम से अभ्यर्थी समय-समय पर अधिकृत जानकारी प्राप्त करेगे एवं भ्रामक जारकारियों से बचेंगे।


साक्षात्कार ब्रह्मकमल पत्रिका